बिहार में नई पंचायतों का परिसीमन शुरू: 2011 की जनगणना बनेगी आधार, जानें किसे मिलेगा पंचायत मुख्यालय का दर्जा
बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में बड़े सुधार का ऐलान करते हुए राज्य में ग्राम पंचायतों के नए सिरे से पुनर्गठन और परिसीमन की अधिसूचना जारी कर दी है। विभाग के सचिव मनोज कुमार द्वारा जारी इस नए निर्देश के तहत सभी जिलों के जिला दंडाधिकारियों को परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करने का अधिकार दिया गया है। परिसीमन और पुनर्गठन की 5 मुख्य बातें: 2011 की जनगणना आधार: पंचायतों का पुनर्गठन वर्ष 2011 के जनगणना आंकड़ों के अनुसार ही किया जाएगा। प्रखंड होगी मूल इकाई: परिसीमन की शुरुआत प्रखंड के उत्तर-पश्चिम से होकर दक्षिण-पूर्व में समाप्त होगी। गांवों का नहीं होगा विभाजन: किसी भी राजस्व गांव को तब तक दो हिस्सों में नहीं बांटा जाएगा जब तक अत्यंत आवश्यक न हो। मुख्यालय चयन का नया नियम: आमतौर पर सर्वाधिक आबादी वाला गांव मुख्यालय बनेगा, लेकिन यदि क्षेत्र में SC, ST और अति पिछड़े वर्गों की कुल आबादी 50% से अधिक है, तो मुख्यालय उसी गांव में होगा जहां इन वर्गों का अनुपात सबसे ज्यादा होगा। प्राकृतिक सीमाओं को प्राथमिकता: सीमाओं के निर्धारण में नदियों, मुख्य सड़कों और ...